श्री भाग्यवन्ती जीव रक्षा केंद्र
संचालक : शा जवानमलजी हिंदुजी कटारिया चेरिटेबल ट्रस्ट, दांतराई
गौशाला -पांजरापोल
शुरुआत:-
जीवदया प्रेमी श्री श्रेष्ठीवर्य पूज्य श्रीमान शा जवानमलजी हिंदूजी कटारिया दांतराई (राजस्थान),
अपनी इच्छा अनुसार “सन् 1995” में गौशाला शुरु करने के लिए जीरावला से 2 कि.मी. दूर दांतराई गाँव के हाईवे पर विशाल ज़मीन ली,
हमारे पूज्य श्री श्रेष्ठीवर्य शा बाबूलालजी लक्ष्मीचंदजी मेहता परिवार
के वेवाईसा श्रेष्ठीवर्य श्रीमान शा श्री रविचंदजी गंभीरचंदजी बोथरा परिवार कोलकत्ता (विशाखापत्तनम) ने अपने कर कमलों से गौशाला बनाने की नींव रखी,
दातराई गांव के चेयरमैन शा वर्दीचंदजी चीमनलालजी अपने कर कमलों से पत्र लिखकर बहुत बहुत अननुमोदना की,
साथ में दांतराई और आस पास के गाँव के श्रेष्ठीवर्य एवं भाग्यशाली परिवारों की भी उपस्थिति रही और स्वामीभक्ति का लाभ लिया,
पूज्य श्री श्रेष्ठीवर्य श्रीमान शा बाबुलालजी लक्ष्मीचंदजी मेहता के मार्ग दर्शन में कार्य शुरू किया गया |
स्थापक :-
पूज्य पुखराजजी जवानमलजी कटारिया,
पूज्य राजमलजी जवानमलजी कटारिया
ने मिल कर जीवों के रहने के लिए हर तरह की
उत्तम सुविधा की एवं यह कार्य दो साल में पूरा किया गया |
निश्रादाता:-
आचार्य भगवंत पूज्य श्री सोमचन्द्र सूरीश्वरजी महाराजा अपने परिवार के साथ पधारे और गौशाला की संपूर्ण व्यवस्था देखी और अति प्रसन्न होकर पूरे परिवार एवं गौशाला के जीवों को आशीर्वाद दिया ।
श्रीमान श्रेष्ठीवर्य शा नटवरलालजी मोहनलालजी शाह परिवार के कर कमलों से गौशाला का उदघाटन हुआ ( धानेरा, सूरत)
उदघाटन के बाद श्रेष्ठी श्री परिवार जनों ने इस गौशाला में शेड बनाने में , घास गोडाऊँन बनाने में , कबूतर चबूतरा बनाने में , स्टाफ़ कोट्रस और ट्रस्ट ऑफ़िस बनाने में लाभ लिया ।
उदघाटन के दिन सैकडो जीवों को क़तल खाने से छुड़ाकर अभयदान दिया और उनके लालन पालन के लिए स्टाफ़ को उनकी सेवा के लिए नियुक्त किया ।
गौशाला की सुविधाएँ:-
🔹जीरावला से मात्र 2 कि.मी. दूर हाईवे पर भाग्यवंती जीव रक्षा केंद्र 32बीघा ज़मीन पर बनाई गई।
🔹गौशाला के 7 किमी आगे फार्महाउस में क़रीबन 150 बीघा ज़मीन पर जीवों के लिए घास उगायी जाती है
🔹फार्महाउस में बारिश के सीजन में जीवों को अपने मुँह से चरने के लिए खुली जगह में उन्हें छोड़ा जाता है एवं फ़ार्महाउस में ही क़रीबन “12,000” फिट का शेड बनाया है जिसमे शाम को आराम से क़रीबन “350” जीव रह सकते है ताकि बारिश और गर्मी से बच सके । इसी शेड में पानी हवाड़ा है और उनके देखभाल के लिए दो परिवारों को वहाँ रहने की सुविधा के लिए वहाँ दो मकान बनाए गये है जहां दोनों परिवार रहते है ।
🔹मुख्य गौशाला में जीवों के रहने के लिए 4 RCC शेड बनाए :-
•एक शेड में दूजनी गाय ,
•दूसरे शेड में छोटे- छोटे बछड़े ,
•तीसरे शेड में कमज़ोर गाय ,
•चौथे शेड में चिकित्सालय
जिसमे डॉक्टर की उपस्थति में बीमार जीव ,कमजोर जीव , दुर्ग्रसित जीव एवं डिलीवरी जीवों की देखभाल होती है साथ ही उनका ऑपरेशन भी होता है , इन्ही शेडों में पानी एवं पंखों की सुविधा एवं नवकार मंत्र का धुन जीवों को सुनाया जाता है ।
🔹RCC शेड के पीछे ओपन में 4 शेड बनाये गये है जो क़रीबन 68 फिट लंबाई , 48 फीट चौड़ाई के बने हुए है इसमें भी जीव आराम से रहते है
🔹पीछे की तरफ़ एक नंदी वाडा (बैलो के रहने का स्थान ) जिसमे सिर्फ़ नंदी (बैल) रहते है ।
🔹1 बंद बड़ा शेड में मच्छर जाली के साथ 10,000 फिट का बनाया है जिसमे पंखे की सुविधा है , पानी की सुविधा है , गमान की सुविधा है इसमें 200 जीव आराम से रहते है ।
🔹 घास के लिए 2 शेड घास गोडाउन रखे है जिनमे क़रीबन 300 टन घास रखने सुविधा है
🔹जीवों की सुविधा के लिए छ कोट्रस ( रहने का स्थान) बनाये है जहां परिवार रहते है
🔹 गेट नंबर 2 लास्ट में एक पानी की टंकी क़रीबन 15000 लीटर की बनाई है इससे बाहर के जीवों के लिए पानी की सुविधा होती है और पास में जनरेटर रूम भी बनाया गया है
🔹 गौशाला के दूसरे गेट के बाहर रोड पर घूमने वाले जीवों की सुविधा के लिए पानी का हावाड़ा बनाया गया है जो सुबह से शाम तक चालू रहता है यहाँ सेकड़ो में जीव पानी पीते है,
इसी के सामने हाईवे के उस पार गौशाला के जीवों के लिए एक खुली क़रीबन 10 बीघा ज़मीन है जहां सुबह सभी जीवों को घूमने के लिए छोड़ा जाता है
🔹गौशाला के गेट नंबर 1 और 2 के बीच में एक बगीचा बनाया है और गेट नंबर 1 बाहर आने जाने वाले परिवारों के लिए प्याऊ ( शीतल जल ) की व्यवस्था की गई है
🔹 विचरने वाले साधु और साध्वी जी भगवंत की सुविधा के लिए दो कमरे बनाए है और तपस्वी रत्न के लिए गर्म पानी पीने की व्यवस्था रखी है ( साधु साध्वी जी से विनती है कि गर्म पानी का हमे लाभ देवे)
🔹एक बड़ा स्टोर रूम बनाया है जहां कबूतरों के लिए छण ( दाना) रखने की व्यवस्था की गई है
🔹 जीव दया प्रेमी गौशाला में जो दान देता है उन परिवारों की तकती लगाने की जगह बनायी है
🔹 कबूतरों के छण (दाना) चरने के लिए दो चबूतरे बनाये गये है
🔹 गेट नंबर 1 के अंदर राइट साइड में ट्रस्ट की कार्यालय एवं ट्रस्ट रूम बनाया गया है
🔹 एक वाटिका ( बगीचा) बनाया है
🔹एक अलग से गुलाब की फुलवारी बनायी है जहां से रोज़ क़रीबन 200 – 300 फूल आते है सब फूलो को आस पास के मंदिरों में भेजा जाता है
🔹 ट्रस्ट की मीटिंग के लिए मीटिंग हॉल बनाया गया है
🔹 डिलीवरी एवं बीमार गायों के लिए अलग रसोई हॉल बनाया है जिसमे उनको दाने का गर्म “खीस” बनाके खिलाया जाता है और इसमें गर्म लाप्सी बानायी जाती है ,
जनवरी महीने में हज़ारो की संख्या में तिल के लड्डू बनाये जाते है
🔹ग़ौशाला के मेन कुएँ के पास में एक RCC टैंक बनाया है उसकी क्षमता 35 हज़ार लीटर है जहां से पूरे गौशाला में पानी पहुचता है , पूरी गौशाला के जीवों को पानी छान के पिलाया जाता है
🔹 गौशाला के संपूर्ण काम के लिए टैक्टर की सुविधा है और एक टैंकर की सुविधा रखी है और साथ ही दवाई की सुविधा के लिए स्कूटर एवं ऑटो रिक्शा रखा है
🔹 जीवों की सुविधा के लिए 12 स्टाफ़ रखे है और डॉक्टर की भी सुविधा है
🔹 कतलख़ाने से आए सभी गायों में केवल छ से सात गाय ही दूध देती है,
गायों के दूध को आस पास के गाँव के सभी मंदिरों में सुबह पक्षाल के लिये भेजा जाता है और बाक़ी का दूध स्टाफ़ में बाटा जाता है।
🔹 स्वान ( डॉगी) के लिए भी खाना बनाया जाता है
विशेष योजना:-
🔅भामाशाह रत्न स्तंभ :-
मुख्य स्थान पर आपके पूरे परिवार की गोल्डन अक्षर से तकती लगाई जाएगी
:- रु 11,11,111
🔅 गोद योजना:-
एक जीव का आजीवन लालन पालन का खर्चा जिसमे परिवार जनों का नाम और गाय के गले में भी एक नाम लिखा जाएगा ताकि वो जीव आपके परिवार का आजीवन होगा
:- रू 1,21,000
🔅 बैंक डिपोज़िट योजना :-
आपके परिवार का नाम ग्रेनाइट की तकती में लिखा जाएगा , यह रकम बैंक में डिपोज़िट होगी और इसके ब्याज से जीवों की सेवा होगी
:- रू 1,01000
🔅 एक सुखी घास का पूरा ट्रक जिसमे 20 टन का घास आता है जिसकी मार्केट वैल्यू आज अन्दास 1,20,000 रू है ,इसका 61,000 रू में लाभ ले सकते है बाक़ी का गौशाला वयन करेगा , पूरा लाभ आपको और आपके परिवार को मिलेगा
:- रु 61,000
🔅एक हरा घास की टेम्पो ट्रॉली जिसमे 3800 से 4000 किलो हरा घास आता है जिसकी मार्केट वैल्यू आज 14000 रू है इसका 7100 रू में लाभ ले सकते है बाक़ी का गैशाला वयन करेगा , पूरा लाभ आपको और आपके परिवार को मिलेगा
:- रु 7,100
🔅 सभी जीवों के लिए गरमा गर्म लापसी जो क़रीबन 180 से 200 किलो बनती हैजिसका नकरा 11000 रू रखा है
:- रु 11,000
🔅 जीवों के दवाई का एक महीने का नकरा क़रीबन 21,000 रू है
:- रु 21,000
🔆एक गोधन के एक वर्ष तक भक्ति का लाभ
: - रु 15000
🔅 कबूतरों के लिए पाँच धान को मिक्स करके दाना दिया जाता है इसका नकरा रोज़ का 3100 रू है
:- रु 3,100
गौशाला की आवश्यकताए:-
🔸 गौशाला में ओपन घास का गोडाउन है जिसमे बारीश के समय घास का स्टॉक नहीं रख सकते है इसीलिए इस गोडाउन को टाटा पतरे और टाटा पिलर से ढकना है ताकि बारिश में घास का भरपूर स्टॉक रख सके इसका टोटल स्केयर फीट 4750 है , शेड बनाने का खर्च का वैल्यू 151 पर स्केयर फीट है
( लाभार्थी परिवार का गौशाला के मेन बोर्ड पर आपके परिवार का मार्बल की तकती पर नाम लिखा जाएगा )
🔸गौशाला में ओपन चार शेड है इसमें भी गायों को धूप से बचने के लिए और बारिश से बचने के लिए चारों शेडों को टाटा के पतरे और टाटा पिलर से ढकने की आवश्यकता है एक शेड का स्केयर फीट 3270 है इस शेड को बनाने का एक शैड का खर्च वैल्यू 5 लाख है इसी तरह चार शेड है
( लाभार्थी परिवार का गौशाला के मेन बोर्ड पर आपके परिवार का मार्बल की तकती पर नाम लिखा जाएगा )
🔸 गौशाला में एक शानदार सुविधा के साथ एक चिल्ड्रन पार्क बनाना है इसका उद्देश्य यह है कि आस पास की प्राइमरी स्कूल के बच्चों के लिए गौशाला की तरफ़ से एक आमंत्रण पत्र भेजेंगे ताकि बच्चे गौशाला में आवे और चिल्ड्रन पार्क में खेलने का आनंद ले सकते है और गायों के बछड़ो के साथ खेले ताकि इससे उनका जीवों के प्रति स्नेह बढ़े और आने वाले बच्चों के लिए स्नैक्स की व्यवस्था रखेंगे
( लाभार्थी परिवार ट्रस्ट मण्डल से संपर्क करे )
🔸 दांतराई गाँव से लगाकर गौशाला तक 1000 देसी वृक्ष लगाने की व्यवस्था करनी है इसमें रखरखाव की राशि प्रति वृक्ष 4000रू होगी जिसमे वृक्ष की नींव रखी जाएगी उसमे देशी खाद , देशी झाड़ और लोहे का जाली और इसे ढकने के लिए ग्रीन कारपेट, वृक्ष के बड़े होने तक पानी पिलाने की सुविधा गौशाला की तरफ़ से होगी
🔸गौशाला से पूरे दांतराई गाँव की गलियों में स्वान ( डॉगी ) जो यह वहाँ गलियों घूमते है उनके लिए भयंकर गर्मी के दिनों में चावल और छाछ की शुरुआत कर दी है आगे स्वानो के लिये रोटी भी खिलाने प्रावधान रखा है इसका प्रतिदिन का खर्च 3100 रुपए है इसमें जिस भाग्यशाली को लाभ लेना हो तो ट्रस्ट मंडल से संपर्क करे
इन योजनाओं का अगर आपको लाभ लेना है तो ट्रस्ट मंडल से संपर्क करे :-
मोबाइल न :- 9324545522
मोबाइल न :- 9790686322